Budhwar Ke Totke बुध कवच का पाठ

Budhwar Ke Totke बुध कवच का पाठ –  सनातन धर्म में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत के पहले भगवान गणेश की पूजा की जाती है। भगवान गणेश की आराधना के लिए बुधवार का दिन शुभ माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यदि किसी जातक की कुंडली में बुध ग्रह कमजोर होता है तो बुधवार को भगवान गणपति की उपासना के बारे में विस्तार से बताया गया है। भगवान गणेश और बुध देव की उपासना करने स्मरण शक्ति तेज होती है और जातक को जीवन में उच्च पद की प्राप्ति होती है

Budhwar Ke Totke बुध कवच का पाठ – बुध के कमजोर रहने पर शुभ काम में बाधा आती है। साथ ही बुद्धि क्षीण हो जाती है। आसान शब्दों में कहें तो बुध कमजोर रहने पर करियर और कारोबार में बाधा आती है। इसके अलावा, सिर, त्वचा और गर्दन की समस्या होती है। अगर आप भी बुध ग्रह को मजबूत करना चाहते हैं, तो बुधवार को बुध स्त्रोत का पाठ जरूर करें

  1. ‘ॐ गं गणपतये नमः’
    • इस एकाक्षर मंत्र का उच्चारण भगवान गणेश के प्रति श्रद्धाभाव से सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। बुधवार को इस मंत्र का 108 बार जाप करने से अनुकूल परिणाम मिलता है, और अनुष्ठान करने वाले की सभी बाधाएं दूर होती हैं।
  2. ‘ॐ वक्रतुण्ड महाकाय सूर्य कोटि समप्रभ:। निर्विघ्नं कुरू मे देव, सर्व कार्येषु सर्वदा।।’
    • इस मंत्र का जाप गणेश भगवान की पूजा में किया जाता है और मान्यता है कि इससे भगवान गणेश प्रसन्न होते हैं और भक्तों पर अपनी कृपा बरसाते हैं। यह मंत्र धन के मार्ग को खोलने में सहायक होता है।

3. ‘ॐ एकदन्ताय विहे वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो दन्तिः प्रचोदयात्।’

  • इसे श्री गणेश का गायत्री मंत्र कहा जाता है, जो व्यक्ति को भाग्यशाली बनाने में सहायक होता है। बुधवार की पूजा में इस मंत्र का 108 बार जाप करने से व्यक्ति को अच्छे फल मिलते हैं।

 

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